“मेरी नर्मी को मेरी कमज़ोरी मत समझना, मै सर झुकाकर चलता हूँ तो सिर्फ खुदा के डर से !!
बादशाह की गली मैं आके उसका पता नही पूछते गुलामो के जुके हुए सिर खुद ब खुद रास्ता बता देते हैं ….
मैं मस्ती में चूर रहता हूं और लड़कियों से दूर रहता… !
तुम्हारी नफरत में भी स्वाद है, मगर अफसोस तुम मेरे लायक नहीं हो…!
मैं वो इंसान हूँ जिसके हिस्से में दुश्मन भी खास आते हैं…! ⚔️
बाप के दौलत पर घमंड कर के क्या मजा, मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और फक्र बाप करें.. !
मुझे मत देखो हजारों में, हम बिका नहीं करते बाजारों में.. !
हमारी मुस्कान का मतलब ये नहीं कि हम खुश हैं, हो सकता है हम तुम्हारी बेवकूफी पर हंस रहे हों…!
पर मुझसे करोगे तो बचने का कोई रास्ता नहीं है!
समझ नहीं आता इस तकदीर में ऐसा क्या लिखा है
रहते हैं आस-पास ही, लेकिन साथ नहीं होते…..
मेरी कहानी मेरे हिसाब से चलेगी, किसी और के इशारों Attitude Shayari पर नहीं…! ✊
आजकल वो लोग भी कहते हैं कि हमारा तो नाम ही काफी है, जिनको गली के कुत्ते भी नहीं जानते है.. !
हमें दुश्मन से डर नहीं लगता, क्योंकि हम जो भी करते हैं शौक से करते हैं…!